1. Verbatim
उद्देश्य
अशाब्दिक ध्वनियाँ (Non-verbal Sounds)
2. Non-verbatim
नॉन-वर्बैटिम ट्रांसक्रिप्शन क्या होता है?
नॉन-वर्बैटिम ट्रांसक्रिप्ट में क्या छोड़ना चाहिए?
वर्बैटिम बनाम नॉन-वर्बैटिम
नॉन-वर्बैटिम ट्रांसक्रिप्शन में विशेष परिस्थितियाँ
3. Common points in both Verbatim and Non-verbatim
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💡
सामान्य सुझाव
- कई शब्दों में चंद्रबिंदु (ँ) और सामान्य बिंदु (ं) दोनों का प्रयोग किया जाता है। ऐसे मामलों में दोनों रूप स्वीकार्य हैं। उदाहरण: हूँ/हूं, चाँद/चांद, परिस्थितियाँ/परिस्थितियां आदि। इसे त्रुटि नहीं माना जाएगा और न ही इसके आधार पर किसी कार्य को अस्वीकार किया जाना चाहिए।
- आजकल कई उर्दू मूल के शब्द बिना नुक्ता चिह्न (़) के भी सामान्य हिंदी में प्रचलित हैं। उदाहरण: ज़्यादा/ज्यादा, काफ़ी/काफी आदि। दोनों रूप व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। इसे त्रुटि नहीं माना जाएगा और न ही इसके आधार पर किसी कार्य को अस्वीकार किया जाना चाहिए।
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लंबे मोनोलॉग में पैरा विभाजन
सेंटीमेंट एनालिसिस
टाइमकोड्स
टाइटल, गाने और कोट्स की फॉर्मेटिंग
संख्याएँ वर्बैटिम और नॉन-वर्बैटिम दोनों रूप में
अंतिम नोट्स